सोमवार, 12 अप्रैल 2010

नौ वर्ष से नहीं जगी वह........


मास्को. स्लीपिंग ब्यूटी फेयरी टेल की तरह ही साइबेरिया में एक लड़की पिछले नौ सालों से सो रही है। माशा राशालोवा नामक इस लड़की के दोस्तों ने बताया कि उन्होंने उसे अंतिम बार तब देखा था जब उसने कॉलेज का चौथा साल खत्म किया था।
माशा की हाई स्कूल की तस्वीरों में वह बच्चे की तरह दिखती है और उसकी बगल में बैठी लड़कियों को देखकर यह कतई अंदाजा नहीं लगता कि वे उसकी हमउम्र हैं। उसकी कालेज की दोस्तों का कहना है कि वह पढ़ाई में काफी तेज थी और उसका गणित का ज्ञान भी बहुत अच्छा था।
उन्होंने बताया कि माशा कभी कैफे या क्लब नहीं जाती थी। उसे तो सिर्फ किताबें पढ़ने का ही शौक था और उसका ज्यादातर समय लाइब्रेरी में ही गुजरता था। भले ही परीक्षा में उसकी तैयारी काफी अच्छी होती थी लेकिन इसके बावजूद वह परीक्षा देने से बहुत डरती थी।
उसकी सहेली ओल्गा बाटलुक ने कहा, एक बार परीक्षा देने के बाद माशा घर आई और ‘सो गई’, तब से वह उठ नहीं पाई है। डॉक्टरों ने उसकी इस अवस्था को ‘वैजीटेल स्टेट’ नाम दिया है। इस अवस्था में दिमाग की सूचना प्रक्रिया वाला हिस्सा निष्क्रिय हो जाता है। ऐसी अवस्था में लोग कोमा में तो नहीं होते लेकिन चेतनावस्था में भी नहीं होते। माशा की मां खुद पेशे से डॉक्टर हैं लेकिन वह अपनी ही बेटी को ठीक नहीं कर पाई हैं।

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