शनिवार, 16 जनवरी 2010

6 बार दुल्हन बनी फिर भी विधवा


मथुरा(मांट). एक ऐसी दास्तान जिसे सुनकर या पढ़कर आप निश्चित ही हिल जाएंगे। उत्तर प्रदेश के मथुरा में मांट गांव की एक महिला मंजू के साथ कुदरत ने कुछ ऐसा खिलवाड़ किया जिसके बारे में आप कल्पना नहीं कर सकते। मंजू नाम की यह महिला एक दो बार नहीं बल्कि 6 बार शादी के लाल जोड़े पहनकर ससुराल गई लेकिन हर बार उसे सिर्फ और सिर्फ आंसू ही नसीब हुए।


इसे भाग्य कहें या फिर कुदरत का कहर, जब मंजू चार साल की थी उस समय वह अपने मां-बाप के साथ मेला देखने गई थी जहां पर वह खो गई। इसके बाद जय सिंह नाम के एक व्यक्ति ने उसे पाला-पोसा। जब वह बड़ी हुई उसके बाद उसने अपना पीछा छुड़ाते हुए मंजू की शादी कर दी। खैर मंजू को एक ना एक दिन पिया के घर पर जाना ही था लेकिन उसे नहीं मालूम था कि यहां पर उसका सिर्फ इस्तेमाल किया जाए। कुछ समय बीतने के बाद जब पति उससे ऊब गया तो मंजू को घर से बेघर कर दिया।


इसके बाद मंजू ने एक-एक करके कुल 5 बार लाल जोड़े पहने लेकिन हर बार कुदरत ने उसके साथ ऐसा घटिया मजाक किया। हर जीवनसाथी ने उसे सिर्फ और सिर्फ इस्तेमाल किया किसी ने उसको अपनी जीवनसंगिनी नहीं बनाया। इन सबसे त्रस्त आकर मंजू ने मथुरा के एक 50 साल के व्यक्ति महाराज सिंह से शादी कर ली। कुछ दिन तक तो अच्छा खासा समय बीता, मंजू दो बच्चियों की मां भी बन गई लेकिन यहां पर भी मंजू पर कुदरत का कहर टूटने से ना रहा। महाराज सिंह की मौत हो गई। दो मासूम बच्चियों और मंजू की परवरिश करने का जिम्मा घर वाले उठाने से पीछे हट गए।


इसके बाद मंजू पूरी तरह से विक्षिप्त होकर गांव मांट आ गई जहां पर अपनी आपबीती गांव वालों को सुनाया। यह व्यथा सुनकर गांव वालों की आंखों में आंसू आ गए लेकिन मंजू का दुख कोई कम नहीं कर सका। इतना दुख दर्द झेलने के बाद अब भी मंजू अपने नए जीवनसाथी की तलाश कर नए सिरे से जीवन व्यतीत करना चाहती है साथ ही वह रिश्तेदारों और गांव वालों से मदद की भीग भी मांग रही है।

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