गुरुवार, 4 फ़रवरी 2010

दवा कंपनियों से उपहार नहीं ले सकेंगे डॉक्टर

अब डॉक्टर दवा कंपनियों से नकद या किसी अन्य रूप में उपहार नहीं ले सकेंगे। मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) ने डॉक्टरों को दवा कंपनियों से उपहार लेने या अन्य किसी तरह के खर्च लेने पर प्रतिबंध लगा दिया है।
चिकित्सा पेशेवरों और चिकित्सा शिक्षा को नियंत्रित करने वाली संस्था एमसीआई ने डॉक्टरों की आचार संहिता को सख्त बनाते हुए भारतीय मेडिकल काउंसिल (पेशेवर संहिता, शिष्टाचार, नीति) के प्रावधानों में संशोधन किया है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री गुलाम नबी आजाद ने कहा कि चिकित्सकों द्वारा मरीजों को बहुराष्ट्रीय कंपनियों की महंगी दवाएं लिखे जाने की शिकायतें मिली थीं और बदले में डॉक्टर उनसे उपहार लेते थे। सरकार उनकी इसी प्रवृत्ति पर रोक लगाना चाहती है।
एमसीआई अध्यक्ष केतन देसाई के मुताबिक कई डॉक्टरों ने परिषद के इस कदम का स्वागत किया है लेकिन इसके सही तरीके से लागू होने पर आशंका जताई है। उनके मुताबिक पहले भी ऐसे प्रयास हुए हैं जो कारगर नहीं रहे हैं।
डॉक्टरों और उनके परिवार को कान्फ्रेंस, सेमिनार, वर्कशॉप आदि में हिस्सा लेने के लिए दवा कंपनियों से स्पांसरशिप स्वीकार करने पर प्रतिबंध लगाया गया है। उन्हें दवा कंपनी के सलाहकार के रूप में भी कार्य करने को मना किया गया है।
हाय राम , डाक्टर साहबों को ये दिन भी देखना बाकी था.

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