मंगलवार, 27 अप्रैल 2010

आईपीएल एकादश के यह हैं टॉप-11

 इंडियन प्रीमियर लीग के तीसरे संस्करण की समाप्ति के बाद चुनी गई आईपीएल एकादश में भारतीय खिलाड़ियों का बोलबाला नजर आ रहा है। आईपीएल एकादश में सात भारतीय और चार विदेशी खिलाड़ी हैं। टीम को 7 भारतीय व 4 विदेशी खिलाड़ियों के फॉर्मूले में ही चुना गया है।


(1/२) सचिन-कैलिस के ढेरों रन : आईपीएल एकादश की ओप¨नग की जिम्मेदारी मुंबई के कप्तान सचिन और बेंगलूरु के जैक कैलिस के पास है। सचिन ने आईपीएल-3 में १३२.६१ के स्ट्राइक रेट से सर्वाधिक ६१८ रन बनाए। कैलिस ने ११५.१८ के स्ट्राइक रेट से ५७२ रन बनाए ।


(3) प्रतिभाशाली रहे रैना: टीम में तीसरे नंबर पर बेहद प्रतिभाशाली चेन्नई के सुरेश रैना आते हैं जिन्होंने १४२.८५ के स्ट्राइक रेट से ५२क् रन बनाए और ७.४६ के इकोनामी रेट से छह विकेट भी हासिल किए। मुंबई इंडियंस के खिलाफ खिताबी मुकाबले मंे रैना ने नाबाद ५७ रन की मैच विजयी पारी खेली।


(4) प्रतिभाशाली रायुडू : मुंबई के अम्बाटी रायुडु चौथे नंबर पर आते हैं। रायुडु ने टूर्नामेंट में अपनी छाप छोड़ी और अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। रायुडु ने १४४.७१ के स्ट्राइक रेट से ३५६ रन बनाए।

(5) धोनी की कप्तानी का कमाल : आईपीएल एकादश की कप्तानी चेन्नई के विजेता कप्तान महेंद्र ¨सह धोनी के हाथों में रही जो टीम के विकेटकीपर भी हैं। धोनी ने १३६.६६ के स्ट्राइक रेट से २८७ रन बनाए। हालांकि वे बल्ले से बहुत कामयाब नहीं रहे लेकिन धर्मशाला में उन्होंने पंजाब के खिलाफ २९ गेंदों में ५४ रन ठोककर अपनी टीम को सेमीफाइनल में पहुंचाया।

(6) आईपीएल-3 के नए ‘सिक्सर किगं’ : बेंगलूरु के उथप्पा ने १७१.५५ के जबर्दस्त स्ट्राइक रेट से ३७४ रन बनाए और टूर्नामेंट में सर्वाधिक २७ छक्के मारकर सिक्सर किगं का खिताब पाया ।


(7) जवाब नहीं पोलार्ड का: मुंबई के पोलार्ड का भी जवाब नहीं है। पोलार्ड ने १८५.७१ के स्ट्राइक रेट से २७३ रन बनाए और ७.४क् के इकोनामी रेट से १५ विकेट लिए ।


(8) लगाम कसी बल्लेबाजों पर : चेन्नई के ऑफ स्पिनर आर.अश्विन ने ६.१क् के बेहतरीन इकोनॉमी रेट से १३ विकेट लिए और विपक्षी बल्लेबाजों पर लगाम कसी।


(9) खुलकर खेलने से रोका : बेंगलूरु के कप्तान कुंबले की लेग स्पिन गेंदबाजी का कोई जवाब नहीं था। उन्होंने ६.४२ के इकोनामी रेट से १७ विकेट लिए। कुंबले ने पावर प्ले और डैथ ओवरों में बल्लेबाजों को बड़े शॉट खेलने से रोका।


(10) यार्कर से बांधा : मुंबई के म¨लगा की यार्करों का तोड़ किसी बल्लेबाज के पास नहीं था। मलिगां ने ७.२ के स्ट्राइक रेट से १५ विकेट लिए।


(11) चेन्नई को खिताब दिलवाया: चेन्नई के खिताबी अभियान में बोलिगंर की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने ६.६७ के इकोनामी रेट से १२ विकेट लिए।

1 टिप्पणियाँ:

36solutions ने कहा…

सह नामधारी भाई को नमस्कार, आपका दोनों ब्लॉग देखा, आप बढ़िया लिख रहे है, किन्तु अप्रैल के बाद से पोस्ट नहीं लिखा है आपने, आगे भी निरंतर रहे, शुभकामनाये.

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